आज राजस्थान की विधानसभा में राजस्थान की 8 करोड़ जनता के भाग्य का पिटारा खुल चुका है। भजन लाल सरकार ने पूर्ण बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान को इस बजट में ₹152,000 करोड़ की सौगात दी है। यह राशि पिजले जो बजट है उससे 41% ज्यादा है। लेकिन इसमें राजस्थान के युवाओं को क्या मिला? राजस्थान की महिलाओं को क्या मिला? इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या कुछ मिला? बुजुर्गों को क्या मिला और शिक्षा के क्षेत्र में क्या कुछ मिला है? उस पर विस्तार से बातचीत करेंगे। बजट की एक-एक कड़ी को आपको समझाने की कोशिश करेंगे।
वैसे तो आज जब वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट पेश किया तो एक बात ऐसी बोल डाली जो राजस्थान में उनका वह 10-15 सेकंड का वीडियो जमकर वायरल है। दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान का युवा नौकरी लेने वाला नहीं बल्कि देने वाला बनना चाहिए। अब उन्होंने क्या सोचकर यह बात बोली है ! लेकिन विपक्ष वालों ने इसी को मुद्दा बना लिया और लगातार इसी बात को वायरल कर रहे हैं । कि अब राजस्थान की भजन लाल सरकार के पास देने के लिए कुछ बचा नहीं है। वो यही चाहते हैं कि जैसे मोदी जी पकोड़े तलवाने की बात करते थे वैसे ही अब दिया कुमारी जी भी कहने लगी हैं कि भैया रोजगार मांगो मत रोजगार देने वाले बनो।
इसी मामले को लेकर सीधा जो प्रहार है वो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जली ने भजन लाल सरकार पर किया औरतें ‘ कहा कि इनके तो पहले के पूरे वादे अधूरे पड़े हैं। महज 25 26% वादे इन्होंने पूरे किए हैं। तो वहीं बजट के बाद डोटासरा ने भी विधायक बालमुकुंदाचार्य की चुटकी लेते हुए कहा कि भाई साहब अगर एक भी मेंटल हॉस्पिटल राजस्थान के अंदर आप बनवा रहे हैं तो जरा मेहरबानी करके कोटा की रामगंज मंडी में बनवाना। अब कोटा की रामगंज मंडी का नाम क्यों लिया? क्योंकि राजस्थान के शिक्षा मंत्री जो मदन दिलावर हैं वो लगातार मिड डे मील घोटाला हो या पेपर लीक का घोटाला हो डोटासरा को जेल भेजने की बात करते हैं। आज ही एक बयान में जो है वो जो वायरल हो रहा है सोशल मीडिया पर कल परसों का वो बयान है जिसमें मदन दिलावर साफ तौर पर यह कह रहे हैं कि मिड डे मील के 2000 करोड़ के घोटाले के अंदर जांच चल रही है।
डोटासरा के जो करीबी लोग हैं जो उनके गुरे हैं वह लगातार जेल जा रहे हैं। आने वाले समय में नंबर डोटासरा का भी आ सकता है। शायद इसीलिए डोटासरा ने बालमुकुंदाचार्य से कहा कि भैया आपके जो मंत्री जी हैं उनके दिमाग का इलाज करवाना है। इसलिए अगर हॉस्पिटल खोल रहे हो मेंटल हॉस्पिटल तो वो आपको कोटा के रामगंज मंडी के अंदर खोलना चाहिए। खैर यह बजट से पहले और बाद में जो नेताओं ने बात की है वो अलग बात है। लेकिन समझना होगा कि इस 2152 करोड़ के बजट में राजस्थान को क्या-क्या सौगात मिली है।
युवाओं को क्या रोजगार भी मिला है। महिलाओं के लिए क्या कुछ है। चलिए आज राजस्थान डायरी के अंदर विस्तार से राजस्थान के इस बजट को समझने की कोशिश करते हैं। नमस्कार आप देख रहे हैं लोकमत हिंदी और मैं हूं आपके साथ महेंद्र मास। एक-एक करके राजस्थान के बजट को समझाते हैं। 21,52,000 करोड़ के इस बजट में अगर सरकार ने सबसे ज्यादा फोकस रखा है। 2047 तक का विज़न और राजस्थान की दिशा और दशा बदलने के लिए यह बजट जो पेश किया है। इसमें सबसे ज्यादा युवाओं पर जो है वो फोकस रखा गया है। उसके बाद किसानों पर जो है वो फोकस रखा है। महिलाओं को ध्यान में रखते हुए यह बजट पेश किया है। इस बजट के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके अलावा अगर बात करें तो डिजिटल क्रांति के लिए तो वहीं बुजुर्गों के लिए भी एक बड़ा पिटारा दिया कुमारी ने खोला है।
अगर युवाओं की हम बात करें तो राजस्थान के तकरीबन 1 लाख युवाओं को ₹1 लाख तक का ब्याज मुफ्त लोन मिल पाएगा। यानी अगर युवा कोई अपना बिजनेस खोलना चाहता है तो वह खोल सकता है। अगर सरकारी नौकरी उन्हें नहीं मिली। शायद इसीलिए दिया कुमारी ने यह बात कही है कि नौकरी लेने वाला नहीं नौकरी देने वाला राजस्थान का युवा बनना चाहिए। उसके अलावा अगर किसानों की बात करें तो राजस्थान के तकरीबन ₹5000 करोड़ का जो मुफ्त ब्याज मुफ्त लोन है वो राजस्थान के किसानों को दिया जाएगा। यह बड़ी राशि है ₹25,000 करोड़ की जो किसानों को ब्याज मुफ्त लोन के रूप में दी जाएगी। अगर उसके अलावा महिलाओं की बात करें तो ₹1.5 लाख जो लखपति दीदी हैं उनको ब्याज मुफ्त लोन जो है वह दिया जाएगा। बुजुर्गों को 60 हजार ऐसे बुजुर्ग हैं जिनको मुफ्त में तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। यह फोकस जो है वो कहीं ना कहीं भजनलाल सरकार का इनके ऊपर है। एक-एक करके विस्तार से उस बजट को आपको समझाने की कोशिश करते हैं। अगर स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो इसमें ₹500 करोड़ खर्च करने का दावा बीजेपी सरकार ने इस बजट के अंदर किया है।
राजस्थान में इनोवेटिव स्कूल खोलने की बात इस बजट के अंदर रखी गई है। प्रत्येक जिले के अंदर एक स्कूल ऑन विल्स यानी चलता फिरता स्कूल भी अब राजस्थान में अपने आपको जो है वो इस बजट के बाद जब वो धरातल पर आएगा तो देखने को मिलेगा। राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता के लिए प्रति खेल में मिलने वाली जो राशि है उसको ₹00 जो पहले रखी गई थी यह राशि ₹00 की थी। अब इस बजट के आने के बाद उस राशि को ₹1 लाख कर दिया गया है। छह कक्षा छह से लेकर आठवीं तक के जो बच्चे हैं उनके लिए गणित और भाषा के लर्निंग गैप को सुधारेगा स्मार्ट सिस्टम। यानी बच्चों की भाषा को सुधारने के लिए, लर्निंग गैप को सुधारने के लिए जो है वो स्मार्ट सिस्टम लाने की बात इस बजट के अंदर वित्त मंत्री ने की है। जैसा मैंने बताया कि 25,000 करोड़ का लोन जो है मुफ्त ब्याज मुफ्त लोन वो किसानों को इस बजट के बाद मिलने वाला है। उसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों में भर्ती और मिशन राज गिफ्ट का ऐलान जो है वो इसके अंदर किया गया है।
2.5 लाख किसानों को फ्री बीज इस बजट के बाद दिया जाएगा। क्योंकि यह वह अन्नदाता हैं जो जमीन का सीना चीर कर अन्न पैदा करते हैं। जिससे हमारे और आपके घर के अंदर खाना बनता है। उनके लिए ढाई लाख जो किसान हैं उनको फ्री बीज देने की घोषणा। यह किसानों के लिए बड़ी खबर है। 3 लाख किसानों को ड्रिंप स्प्रिंग किलर जो है वह कहीं ना कहीं देने की बात कही गई है। हर हर जो पंचायत है उसमें वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाया जाएगा। 500 नए सोलर पंप की बात की गई है और उसके अलावा अब WhatsApp पर भी ई मित्र की ऐसी 100 सेवाएं हैं जिसके लिए आपको चक्कर काटने की जरूरत नहीं है कि कहां पर ई मित्र केंद्र है। WhatsApp पर ही आपको 100 ई मित्र की जो सेवाएं हैं वो मिलेंगी। इसके अलावा जयपुर, अलवर, जोधपुर, उदयपुर के अंदर ऐसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस जेल बनाने की बात इस बजट के अंदर कही गई है। और बड़ा कारण जो है वो साइबर ठगी के जो मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उस साइबर ठगी के मामले में आर फॉर सी फोर्स का गठन जो है वो कहीं ना कहीं करेगी क्योंकि देखिए युवा है, पढ़ा लिखा है। पहले इंटरनेट और मोबाइल सेवा इतनी होती नहीं थी।
अब लगातार जो इंटरनेट और मोबाइल सीमा है तो जाहिर सी बात है कि साइबर ठगी भी लगातार जो है वह बढ़ती हुई है। अब थानों के ऊपर इतना प्रेशर है कि अगर आप साइबर ठगी का मामला दर्ज कराओगे तो पुलिस वाले तो यही कहेंगे कि भैया आज कर देंगे कल कर देंगे लेकिन वो मामला बहुत लंबा चला जाता है। एक दो मेरे परिचितों के ऐसे केस हैं साइबर ठगी के जो साइबर ठगी है उसके केस में शिकायत करने के बावजूद भी 6 महीने 7 महीने 8 महीने यहां तक कि 12-12 महीने का समय निकल जाता है और साइबर ठगी के केस के अंदर कुछ एक्शन पुलिस ले नहीं पाती या पुलिस के पास ज्यादा इसको लेकर काम है या फिर वो काम करना ही नहीं चाहती उन मुद्दों पर जिसमें कोई फायदा नहीं पहुंचे क्योंकि मैंने मेरी नजर में इस तरह के केस हैं तो अगर आर4 सी का गठन साइबर प्राइवेट ठगी के अंदर किया जाएगा। उसके लिए किया जाएगा। तो यह बड़ी बात है।
कुल मिलाकर आज के बजट में सब चीजों को देखकर बजट पेश किया है। लेकिन विपक्ष का तो एक ही कहना है कि यह बजट राजस्थान की जनता के लिए निराशाजनक बजट रहा है। ऐसा विपक्ष के नेताओं का इस बजट को लेकर कहना है और सबसे ज्यादा वायरल जो बयान है जाते-जाते आप सुन जाइए। दिया कुमारी ने क्या कुछ कहा। दिया कुमारी ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी का यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी लेने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बने। फिर एक नई खबर लेकर आपके लिए हाजिर होंगे।